अल्लाह की नहीं, मुल्ला की देन है तीन तलाक, ओवैसी जैसे लोग मुसलमानों को मूर्ख बना रहे: शिवसेना

भारतीय लोकतंत्र ने तीन तलाक जैसी एक बीमारी का समूल नाश कर दिया जिसके नाम से हिन्दूस्तान की साढ़े पांच करोड़ महिलाएं डर जाती थी। संसद के दोनों सदनों में इस बिल के पास होने और राष्ट्रपति के मुहर लगने के बाद तीन तलाक कानून बन गया है। लेकिन इसके बाद से ही सत्ता के गलियारों में इसके समर्थन औऱ विरोध की प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया है। हमेशा अपने तीखे और धारदार संपादकीय के जरिए विरोधियों से लेकर सहयोगियों तक को कटघरे में खड़े करने वाले शिवसेना के मुखपत्र सामना के निशाने पर इस बार असदुद्दीन ओवैसी हैं। तीन तलाक बिल का विरोध करने पर शिवसेना ने असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए सामना में लिखा है कि ओवैसी जैसे लोग अल्लाह के नाम पर मुसलमानों को मूर्ख बना रहे हैं। तीन तलाक अल्लाह की नहीं, बल्कि मुल्ला की देन है। शिवसेना ने लिखा कि आज से देश में मुल्लों का कानून नहीं चलेगा। कानून बनने से हम पांच और हमारे पच्चीस पर लगाम लगेगी। शिवसेना ने अपने मुखपत्र के जरिए कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार को भी निशाने पर लेत हुए लिखा कि राजीव गांधी और कांग्रेस ने संविधान का अपमान किया, लेकिन इस बार मोदी सरकार अभिनंदन की पात्र है, जिसने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) पर फैसला लिया। अब हिन्‍दुस्‍तान की करोड़ों मुस्लिम महिलाएं खुलकर सांस ले पाएंगी। वे ट्रिपल तलाक वाली गुलामी की बेड़ियों से मुक्त हो गई हैं। एक नई आशा के साथ करोड़ों महिलाएं एक नया जीवन जिएंगी।