लोकसभा में भाजपा सदस्य ने भोजपुरी, राजस्थानी और भोंटी को 8वीं अनुसूची में डालने की मांग उठाई


नयी दिल्ली। लोकसभा में शुक्रवार को भाजपा के एक सदस्य ने भोजपुरी, राजस्थानी और भोंटी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग उठाई। इसका तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने भी समर्थन किया। सदन में शून्यकाल के दौरान पाल ने यह विषय उठाते हुए कहा कि चौथी लोकसभा से यह मांग उठ रही है, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ।उन्होंने कहा कि विदेश की भाषा नेपाली को आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया, लेकिन भोजपुरी, राजस्थानी और भोंटी को नहीं शामिल किया गया। देश और विदेश में मॉरीशस, सूरीनाम, गुआना, फिजी सहित दुनिया के कई हिस्सों में 20 करोड़ से अधिक भोजपुरी भाषी रहते हैं। पाल ने कहा कि राज्य विधानसभाओं ने भी इनको आठवीं अनुसूची में डालने की अनुशंसा की है। सरकार को इस पर निर्णय लेना चाहिए।सदन में तृणमूल कांग्रेस के नेता बंदोपाध्याय ने पाल की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार को इसका समर्थन करना चाहिए। भाजपा के नंद सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के किसानों को सम्मान निधि योजना के पैसे नहीं मिलने का मुद्दा उठाया और कहा कि केंद्र राज्य सरकार को निर्देश जारी करे। भाजपा के राहुल कसवां, भानु प्रताप वर्मा, संध्या राय, सुमेदानंद सरस्वती और कुछ अन्य सदस्यों ने अपने अपने क्षेत्रों के मुद्दे उठाए।