विपक्षी पार्टियों को संज्ञान में लिए बिना सरकार ला रही विधेयक: कांग्रेस


नयी दिल्ली। कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी पार्टियों को संज्ञान में लिए बिना इस सत्र में विधेयक ला रही है, हालांकि सरकार ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि सभी विधेयक कार्य मंत्रणा समिति में तय कार्यक्रम के तहत ही लाए गए हैं। सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने सदन की कार्यवाही आरंभ होने के बाद कहा कि सरकार की ओर से पहले से सूचित किए बिना विधेयक लाया जा रहा है जिससे सांसदों को इस पर तैयारी करने का मौका नहीं मिल पाता।उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि सरकार कम से कम दो दिन पहले विधेयक के बारे में सभी सदस्यों को सूचित कर दे ताकि सबको तैयारी करने का मौका मिल जाए।इस पर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति में जो तय हुआ था उसी के तहत विधेयक लाए गए हैं। बुधवार की कार्य सूची में अंकित बांध सुरक्षा विधेयक बृहस्पतिवार को नहीं लाया गया क्योंकि सदन में कांग्रेस के नेता चौधरी ने कहा था कि इसे बाद में लाया जाए।उनके बयान पर चौधरी ने आपत्ति जताई और कहा कि उन्होंने सिर्फ यह कहा था कि नदी जल बंटवारे से संबंधित संशोधन विधेयक और बांध सुरक्षा विधेयक पर अलग अलग चर्चा होनी चाहिए। उनकी ओर से यह नहीं कहा गया था कि बांध सुरक्षा विधेयक बृहस्पतिवार को नहीं लाया जाए। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय, सुदीप बंदोपाध्याय और कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से विधेयक के बारे में सदस्यों को समय से सूचित नहीं किया जा रहा है। कांग्रेस के गौरव गोगोई ने कहा कि पहले सूचित किया गया था कि बृहस्पतिवार को नियम 193 के तहत बाढ़ की स्थिति पर चर्चा होगी, लेकिन संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि यह विस्तारित सत्र है जिसमें नियम 193 के तहत चर्चा नहीं हो सकती।बाद में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सदस्यों ने जो विषय उठाए हैं उन पर कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में चर्चा की जाएगी। वह सुनिश्चित करेंगे कि सदन में लाए जाने वाले विधेयकों के बारे में सदस्यों को एक दिन पहले सूचना मिल जाए।