कॉप में PM मोदी का संबोधन, जलवायु परिवर्तन पर 196 देशों ने किया मंथन


ग्रेटर नोएडा स्थित एक्सपो-मार्ट में आयोजित किए जा रहे कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (कॉप) में सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी समेत कई वीवीआईपी पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉप के 14वें अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता और भू क्षरण जैसे क्षेत्रों में दक्षिण-दक्षिण सहयोग बढ़ाने के लिए उपायों का प्रस्ताव रख कर प्रसन्नता महसूस कर रहा है। मैं यूएनसीसीडी के नेतृत्व से वैश्विक जल कार्रवाई एजेंडा बनाने की मांग करता हूं जो भू क्षरण प्रक्रिया की रणनीति का आधार है। जलापूर्ति बढ़ाना, जल पुनर्भरण और मृदा में नमी को बनाए रखना समग्र भूमि, जल रणनीति का हिस्सा है। पीएम मोदी बोले कि आज दुनिया में पानी की समस्या काफी बढ़ी है, दुनिया को आज पानी बचाने के मसले पर एक सेमिनार बुलाने की जरूरत है जहां पर इन मसलों का हल निकाला जा सके। भारत पानी बचाने, पानी का सही इस्तेमाल करने की ओर कदम बढ़ा चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा, ''मैं यह घोषणा करता चाहता हूं कि भारत अब से लेकर 2030 तक अपनी बंजर जमीन को उपजाऊ बनाने की महत्वाकांक्षा के तहत कुल रकबे को 2.1 करोड़ हेक्टेयर से बढ़ाकर 2.6 करोड़ हेक्टेयर करेगा।'' बता दें कि 2 सितंबर से शुरू हुए कॉप -14 का शुभारंभ केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने किया था। इसका आयोजन दुनिया को बढ़ते मरुस्थलीकरण से बचाने की मुहिम के तहत किया गया है।ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर में काप फोर्टीन सम्मेलन में कुल 196 देशों के प्रतिनिधि पहुंचे हैं लेकिन यहां पाकिस्तान डेलिगेट्स की सीट खाली पड़ी है।