योगी कैबिनेट का फैसला, लखनऊ में पूर्व पीएम अटल जी के नाम पर बनेगा मेडिकल युनिवर्सिटी


लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की कैबिनेट की बैठक में छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। इसमें प्रमुख रूप से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय के लिए राज्य सरकार द्वारा लखनऊ में 50 एकड़ जमीन को मंजूरी देना शामिल है। योगी सरकार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर सरकार चिकित्सा विश्वविद्यालय स्थापित करने जा रही है। इसके लिए लखनऊ के मॉल क्षेत्र में जमीन चिह्नित की गई है। इसी के साथ योगी कैबिनेट में जो अन्य अहम फैसले लिए गए उसके अनुसार विभिन्न विभागों, निगमों, आयोगों, परिषदों में नियुक्त उपाध्यक्ष को 10 हजार रुपये महीने आवासीय भत्ता मिलेगा। अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय के लिये 50 एकड़ जमीन  में 20 एकड़ स्वास्थ्य विभाग, 15 एकड़ चिकित्सा शिक्षा, 15 एकड़ जमीन एलडीए देगी। यह जमीन कैंसर इंस्टिट्यूट सरेंडर करेगा। चक गंजरिया में बनेगा। वहीं कैबिनेट ने फैसला लिया कि मुरादाबाद के कांठ तहसील में बस स्टेशन के लिये 1210 वर्ग मीटर जमीन निशुल्क दी जाएगी। करीब 10 करोड़ मूल्य की है। एक वर्ष में बस अड्डा बनेगा। 3.5 करोड़ में बस अड्डा बनेगा। उधर, सैयद अमजद हुसैन, सयुंक्त सूचना निदेशक के खिलाफ सात बिंदुओं पर जांच हुई थी, यह दोषी पाए गए थे, लेकिन लोक सेवा आयोग से सहमति नहीं मिली। इस संस्तुति को केबिनेट ने नहीं माना और कार्रवाई की अनुमति दी गई। अब 7600 ग्रेड पे से 5400 ग्रेड पर पर आ गए। असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर रिवर्ट किये गए। योगी सरकार ने पांचवें वित्त आयोग की रिपोर्ट की समीक्षा के लिए समिति के सदस्यों के नाम में परिवर्तन किया है। अब सुरेश खन्ना होंगे अध्यक्ष। आशुतोष टंडन, भूपेंद्र सिंह और मोती सिंह सदस्य बनाये गए। इदसके अलावा यूपी विधानसभा और विधान परिषद के सत्रावसान को मंजूरी भी दे दी गई।