आज का राष्ट्रवाद देश को कुचल रहा; गांधी काे अपनाना है तो गोडसे मुर्दाबाद कहना होगा: मुख्यमंत्री


रायपुर. महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर बुलाए गए विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र में बुधवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गांधी के बहाने भाजपा पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि गांधी का राष्टवाद आज के राष्ट्रवाद से अलग है। गांधी का राष्ट्रवाद सबको साथ लेकर चलने का था। आज का राष्ट्रवाद से देश से कुचला जा रहा है। उन्होंने कहा कि दो विचारधारा चली आ रही हैं। आज गांधी को याद करते है तो गोडसे का जिक्र होता है। आज जब गांधी की जय जयकार हो रही है तो गोडसे मुर्दाबाद के नारे लगने चाहिए।
बघेल ने कहा, लोग कहते है कि पाकिस्तान के विभाजन से नाराज होकर उनकी हत्या की गई, लेकिन इतिहास बताता है कि उससे पहले भी हत्या की कोशिश की गई। गांधी को अपनाना है तो साफ मन से, खुले दिल से, उनकी साफगोई को, उनके सत्य मार्ग के साथ अपनाएं। जो लोग दिखावे के लिए गांधी का नाम ले रहे है, लेकिन गोडसे की भत्सर्ना नहीं कर पा रहे हैं उनका खुलकर विरोध करें।


श्रीमद्भागवत का जिक्र करते हुए कहा कि गीता में अद्भुत लिखा है, जब-जब अत्याचार होता है तो कोई न कोई महापुरुष पैदा होता है। देश मे हिंसा फैली हुई थी तब महात्मा बुद्ध आए। जब इस्लाम का आतंक होता है तब कबीर और गुरुनानक जैसे संत आते हैंं। 
19वीं सदी के पहले के आंदोलन धर्म के थे, लेकिन 20वीं सदी के आने तक धर्म को राजनीतिक कसौटी पर देखा जाने लगा। तब अंग्रेज आ गए थे। जब राजा राममोहन आए तब वह समाज सुधारक थे। राजनीतिक राष्ट्रवाद का प्रतिनिधित्व किसी ने किया तो वह महात्मा गांधी ने किया।
पशुबल के सामने महात्मा गांधी ने आत्मबल को खड़ा किया। अंग्रेजों की तोप और बंदूक के आगे अहिंसा को खड़ा किया। आखिर गांधी ने अहिंसा को ही क्यों खड़ा किया? दुनिया हंसती थी। अहिंसा की बात बुद्ध, महावीर ने कहीं थी लेकिन गांधी ने इसका व्यापक प्रयोग किया।
गांधी का राष्ट्रवाद सांस्कृतिक राष्ट्रवाद रहा है, लेकिन कुछ लोग जिस राष्ट्रवाद की बात करते हैं वो कौन सा राष्ट्रवाद है। इस राष्ट्रवाद में संविधान अर्थहीन होता जा रहा है। समाज खोखला होता जा रहा है। इस राष्ट्रवाद से राष्ट्र कुचला जा रहा है। 
कुछ लोग गांधी की उपेक्षा करना चाहते हैं। गांधी को बदनाम करना चाहते हैं, लेकिन 150 साल भी आज गांधी प्रासंगिक है। 
मुख्यमंत्री के भाषण के बाद नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि गांधी ने कभी नहीं कहा मुर्दाबाद के नारे लगाओ। ये कैसी विचारधारा की बात कर रहे हैं। नाथूराम गोडसे ने जो किया उसकी उन्हें सजा मिली। उन्हें फांसी दी गई थी। गांधी जी ने ये कभी नहीं कहा खून का बदला खून से लो। उन्होंने कहा 70 सालों में देश को जो मजबूती मिलनी चाहिए थी, वह अब नहीं मिल पाई है। यह देश आज भी भुगत रहा है। 


वर्तमान शिक्षा पद्धति ने हमे डिग्री और बेरोजगारी दी। गांधी जी की सोच रही है कि शिक्षा पद्धति ऐसी हो जो रोजगार खुद पैदा कर सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिवलीहुड को बढ़ावा दिया। ठीक वैसे ही जैसा गांधी जी चाहते थे।
सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। सत्य को लेकर गांधी जी को जेल जाना पड़ा, यातनाएं भुगतनी पड़ी। अडिग रहें, डिगे नहीं, गांधी ने सत्य को ही भगवान माना।
अहिंसा के बल पर अंग्रेजों को उन्होंने भगाया, लेकिन ऐसे शासक रहे है जिन्होंने हिंसा का सहारा लिया। ऐसे लोगो का पतन भी हुआ।
देश में 70 साल बाद भी लोग खुले में शौचालय जाने पर मजबूर थे। प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी के सपने को पूरा किया। आज 150 वीं जयंती मना रहे है तो मुख्यमंत्री इस सदन में आज ही पूर्ण शराबबंदी की घोषणा कर दें।
गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर इस सत्र का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए विधायकों और मंत्रियों के लिए ड्रेस कोड का भी निर्धारण किया गया है। विधानसभा के सभी सदस्य आज कोसे का कुर्ता और जैकेट, महिला सदस्य कोसे की साड़ी पहन कर विधानसभा पहुंची हैं। विधानसभा में अलग-अलग कार्यक्रम भी हो रहे हैं। शाम 6 बजे से विधानसभा परिसर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी प्रेक्षागृह में टीकम जोशी द्वारा एकल नाटक की प्रस्तुति की जाएगी।