जब नोटबंदी सफल तो 2000 के नोट को रोकने की जरूरत क्यों?


नई दिल्ली। 2000 रुपए के नोट की छपाई बंद होने की खबरों के बीच कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने इस मामले में बड़ा सवाल उठाया है। सिंघवी ने ट्‍वीट कर पूछा है कि पहले 1000 और 500 रुपए के नोट बंद किए गए। फिर अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के लिए 2000 रुपए के नोटों को छापना बंद कर दिया। जब नोटबंदी सफल रही है तो फिर 2000 रुपए के नोट को रोकने की जरूरत क्यों पड़ी?


पिछले दिनों एक आरटीआई के जवाब में भारतीय रिजर्व बैंक ने खुलासा किया था कि 2,000 रुपए के नोटों की छपाई बंद कर दी है। इस वित्त वर्ष में एक भी 2,000 रुपए का नोट नहीं छपा है।

 

अधिकारियों के अनुसार, 2,000 रुपए के ज्यादा सर्कुलेशन से सरकार के लक्ष्य को नुकसान पहुंच सकता था क्योंकि वे तस्करी और अन्य अवैध उद्देश्यों में इसका इस्तेमाल करना आसान है। आंध्र प्रदेश-तमिलनाडु बॉर्डर से 2,000 रुपए के नोटों में 6 करोड़ रुपए की बेहिसाब नकदी जब्त की गई थी।

 

उल्लेखनीय है कि नवंबर 2016 में सरकार ने काला धन पर लगाम लगाने के लिए 500 और 1,000 रुपए के नोट को प्रतिबंधित कर दिए थे। इसके बाद 500 रुपए के नए नोट के साथ ही 2,000 रुपए का नोट भी जारी किया गया था।