पटना, वैशाली और खगड़िया के लिए जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट, जानें क्या है इसका मतलब


बिहार के कई इलाकों में जहां भारी बारिश के चलते लोगों का जीवन अस्तव्यस्त हो गया है तो वहीं इससे बिहार में मरनेवालों की संख्या अब तक 45 के पार हो चुकी है।


मौसम विभाग की मानें तो बिहार में आंधी-तूफान आने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग की वेबसाइट के मुताबिक, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के अलग-अलग स्थानों पर गरज और आंधी तूफान के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।


जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट


उधर, पटना, वैशाली और खगड़िया के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऑरेंज अलर्ट का मतलब होता है खतरा, तैयार रहें। जैसे-जैसे मौसम और खराब होता है तो येलो अलर्ट को अपडेट करके ऑरेंज कर दिया जाता है। इसमें लोगों को इधर-उधर जाने के प्रति सावधानी बरतने को कहा जाता है।


कितने तरह के हैं अलर्ट-


भारतीय मौसम विभाग की तरफ से समय समय पर रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया जाता है। मौसम के बारे में सचेत करने के लिए भी कुछ चुनिंदा रंगों का प्रयोग किया जाता है। जैसे रेड अलर्ट, येलो अलर्ट या फिर ऑरेन्ज अलर्ट। मौसम विभाग के अनुसार अलर्ट्स के लिए रंगों का चुनाव कई एजेंसियों के साथ मिलकर किया गया है।


खतरे का संकेते है अलर्ट!


खासकर भीषण गर्मी, सर्द लहर, मानसून या चक्रवाती तूफान आदि के बारे में जानकारी देने के लिए इन कलर अलर्ट का इस्तेमाल किया जाता है। जैसे-जैसे मौसम अपने चरम की ओर बढ़ता है, वैसे-वैसे अलर्ट गहरा लाल होता चला जाता है। इसी तरह किसी चक्रवाती तूफान की भीषणता भी इन्ही कलर कोड से होती है। जितना भीषण चक्रवात उतना ही ज्यादा लाल अलर्ट होता जाता है।


येलो अलर्ट के तहत लोगों को सचेत रहने के लिए अलर्ट किया जाता है। उन्होंने बताया कि यह अलर्ट जस्ट वॉच का सिग्नल है। जबकि, जब मौसम खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है और भारी नुकसान होने की आशंका होती है तो रेड अलर्ट जारी किया जाता है।