अफवाह: कोरोना रोकरने में एमबीबीएस इंटर्न की भर्ती होगी; हकीकत : एमसीआई ने पत्र जारी नहीं किया यह ठगी का प्रयास

सीकर। लॉक डाउन की वजह से कई बड़े एग्जाम स्थगित कर दिए गए हैं। इसका फायदा उठाने के लिए साइबर ठग एक्टिव हो गए हैं। सोशल मीडिया पर नीट, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड की भर्ती परीक्षाओं को लेकर कई फर्जी सर्कुलर वायरल हो रहे हैं तो एमबीबीएस इंटर्न भर्ती को लेकर पत्र भी स्टूडेंट्स तक पहुंचाए जा रहे हैं। दैनिक भास्कर ने इस सभी वायरल पत्रों की पड़ताल की तो सभी फर्जी मिले। स्टूडेंट्स को सावधान होने की जरूरत है, क्योंकि-इन भर्तियों और परीक्षाओं के फर्जी लैटर के जरिए आप ठगी का शिकार हो सकते हैं। सोशल मीडिया पर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया का एक नोटिफिकेशन शेयर किया जा रहा है। यह नोटिस एमबीबीएस इंटर्न भर्ती से संबंधित है। नोटिस को देखकर बिल्कुल ऐसा ही लगता है कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से ही जारी किया गया है। नोटिफिकेशन पर एमसीआई के महासचिव का हस्ताक्षर भी है। इसमें कहा गया है कि 3 अप्रैल से सरकार और निजी मेडिकल कॉलेज द्वारा एमबीबीएस इंटर्न और एमबीबीएस तीसरे साल के पार्ट-2 के छात्रों को कोविड-19 के मामले को देखते हुए भर्ती किया जाएगा। दैनिक भास्कर ने एमसीआई की वेबसाइट पर जाकर पड़ताल की तो वहां ऐसा कोई पत्र नहीं मिला। वहां इस पत्र को सूचना दी गई है कि नोटिफिकेशन फर्जी है और सभी संबंधित लोगों के संज्ञान के लिए यह बात बताई जाती है कि बोर्ड ऑफ गवर्नर द्वारा इस तरह का कोई पत्र जारी नहीं किया गया है। इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


नीट : सिलेबस में बदलाव किया है, सच : एनटीए के हवाले से वायरल किया गया पत्र फर्जी हैमेडिकल कॉलेजों में यूजी कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाली नीट परीक्षा तीन मई को होने वाली थी, लेकिन लॉक डाउन की वजह से स्थगित किया जा चुका है। लेकिन सोशल मीडिया पर एनटीए के हवाले से एक पत्र वायरल है, जिसमें कहा गया है कि नीट एग्जाम का सिलेबस बदला गया है। पत्र पर तीन अप्रैल 2020 की तारीख अंकित है। भास्कर ने एनटीए की वेबसाइट की जांच की तो पता चला कि यह पत्र फर्जी है। एनटीए ने भी इस पत्र को फर्जी बताते हुए कहा है कि सिलेबस में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। एनटीए ने यह भी कहा है कि अगर किसी तरह का बदलाव या कोई नई सूचना होगी तो उसे नीट यूजी या एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट जरूर किया जाएगा।