बैसाखी पर पहली बार हर तरफ सन्नाटा, न खेतों में गिद्दा- भांगड़ा न गुरुघरों से मेले; जलियांवाला बाग भी सूना पड़ा

अमृतसर. देशव्यापी लॉकडाउन का आज 20वां दिन है। पंजाब में कोरोना संक्रमण के अब तक 170 केस सामने आए हैं। इसमें 12 की मौत हुई और 20 मरीज ठीक हो गए। संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए राज्य में पिछले 22 दिन से जारी कर्फ्यू को 30 अप्रैल तक बढ़ाया जा चुका है। इस दौरान किसानों को छोड़कर किसी के लिए कोई रियायत नहीं है। पहली बार ऐसा हो रहा है कि सोमवार को बैसाखी के दिन खेतों और गुरुद्वारों में गिद्दा-भांगड़ा और धार्मिक कार्यक्रमों की धूम नहीं है। हर तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है। जलियांवाला बाग और श्री आनंदपुर साहिब में भी सन्नाटा पसरा है।


पंजाब के लिए धार्मिक और किसानों के लिए आर्थिक रूप से बैसाखी से ज्यादा महत्वपूर्ण कोई दूसरा दिन नहीं है। सिख पंथ के लिए इससे बड़ा कोई त्यौहार कोई नहीं, लेकिन इस बार सब फीका पड़ चुका है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से भी लोगों से घरों में रहकर जाप करने की अपील की गई है।
अमृतसर: आज खुलना था जलियांवाला शहीदी स्मारक, 15 फरवरी से बंद था


यह पहला मौका है, जब शहीदों की चिताओं पर मेला नहीं लगा। जलियांवाला बाग में देश पर कुर्बान हुए लोगों को सन्‍नाटा ही श्रद्धांजलि देता नजर आया। 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में किए गए नरसंहार को 101 साल हो गए। यहां हर साल भारी मेला लगता है। देश-विदेश के पर्यटक आते हैं। इस साल पहली बार है, जब 13 अप्रैल को यहां किसी भी तरह का कार्यक्रम नहीं हुआ।बाग के अंदर चल रहे निर्माण कार्य के कारण इसे 15 फरवरी से बंद था। बाग को 13 अप्रैल को इसे खोला जाना था, लेकिन कोरोना संकट के कारण 15 जून तक पूरी तरह से बंद कर दिया गया।


इस बार कंबाइन हार्वेस्टर के सहारे कटेगी फसल
सरकार ने भले की 15 अप्रैल से मंडियों में फसलों की खरीद की घोषणा कर दी है, लेकिन कर्फ्यू और खेतों में खड़ी फसल की कटाई घरों में बंद किसानों के लिए बड़ी मुसीबत है। पंजाब में फसलों की कटाई के लिए हर साल करीब चार लाख श्रमिक बिहार और उत्तर प्रदेश सहित तमाम राज्यों से आते हैं। इस बार ट्रेनों का परिचालन बंद होने से किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या फसलों की कटाई के लिए श्रमिकों की कमी की है। इस कमी को 7600 कंबाइनों और 39000 स्ट्रा रीपर (फसल उठाने की मशीन) के सहारे पूरा करने की कवायद की जा रही है।
जालंधर: सन्नाटा पसरा, शहर में मास्क नहीं पहनने वाले 2 पर केस दर्ज
जालंधर शहर से 25 किलोमीटर दूर विर्क जिले का पहला गांव था, जहां कोरोना के तीन पॉजिटिव मिले थे। तीनों ही अब ठीक होकर लौटने से गांव वालों का हौसला बढ़ा है। उधर, दो दिन में करीब 12 लोगों के खिलाफ क‌र्फ्यू का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। ड्रोन में उनकी तस्वीर आने के बाद बाद में उनकी पहचान करवा कर गिरफ्तार भी किया गया। वहीं, घर से बाहर निकलते वक्त मास्क नहीं पहनने के चलते रविवार को 2 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।