कोरोना के प्रकोप से सहमे परदेसी सैलानी मायूस हैं लेकिन, शुक्र है ... पुष्कर में सुरक्षित हैं

अजमेर । कोरोना के बढ़ते प्रकोप को लेकर देश व दुनिया का बच्चा-बच्चा सहमा हुआ है तथा लॉकडाउन के कारण लोग घरों में कैद हो रखे हैं। कोई परिवार से दूर है तो कोई कोरोना की जंग में शासन व प्रशासन का कंधे से कंधा मिला कर साथ दे रहा है। लॉकडाउन के कारण पुष्कर में कई विदेशी पर्यटक भी फंसे हुए हैं। पुष्कर की होटलों में अटके पर्यटक कैसे अपना समय व्यतीत कर रहे हैं तथा उन्हें क्या-क्या परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और वे अपने परिवार से दूर यहां रहकर कैसा महसूस कर रहे हैं यह सब कुछ जानने के लिए भास्कर टीम गुरुवार को पुष्कर की विभिन्न होटलों में क्वारेंटाइन किए गए विदेशी मेहमानों के बीच पहुंची।


अमूमन सभी पर्यटक कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण चिंतित जरूर दिखे, लेकिन पुष्कर में वे अपने आप को पूरी तरह से सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्हें परिवार से दूर रहने का दुख है मगर खुशी इस बात की है कि तीर्थ नगरी पुष्कर फिलहाल कोरोना संक्रमण से पूरी तरह से मुक्त है। कोई विदेशी गिटार बजा कर तो कोई किचन में हाथ बटा कर अपना समय गुजार रहा है। सैलानी योगाभ्यास व मेडिटेशन कर तनाव मुक्त हो रहे हैं।


डेढ़ माह पहले इटली से पुष्कर आई
इटली की मांद्रा पिछले लंबे समय से हर साल पुष्कर आ रही है। वह इस बार पांच फरवरी को भारत आई तथा डेढ़ महीने पहले पुष्कर पहुंची। इस बीच कोरोना संक्रमण के चलते किए गए लॉक डाउन में अटक गई। देश व दुनिया के साथ-साथ इटली में बढ़ते कोरोना के प्रकोप के कारण वह काफी चिंतित व दुखी है। उसका कहना है कि वह यहां पूरी तरह से सुरक्षित है तथा खुश है। इटली के मौजूदा हालातों को देखते हुए वह स्वदेश लौटना नहीं चाहती है। वह प्रतिदिन मोबाइल व वीडियों कॉल कर अपने परिजनों से बात करती है। मंद्रा अपने होटल के बगीचे में घास काटने के साथ-साथ सफाई कर समय गुजार रही है। उसने बताया कि उसके घर में भी गार्डन है और उसे यहां भी बगीचे की सार संभाल करना अच्छा लगता है।  लॉकडाउन के कारण नहीं लौट सकी
हॉलेंड की दीना सात महीने पहले भारत भ्रमण पर आई थी और पुष्कर में लॉकडाउन के कारण स्वदेश नहीं लौट सकी। वह होटल के योगा टीचर की सहायता से नियमित एक से दो घंटे योगाभ्यास कर रही है तथा मेडीटेशन भी कर रही है। उसने बताया कि वह यहां खुश है और सुरक्षित भी।


क्रिएटिव रहकर व्यस्त है इंग्लैंड की बेकी
इंग्लैंड की बेकी लॉकडाउन के दौरान होटल में कुकिंग, योगाभ्यास कर अपना समय गुजार रही है। वह अधिकांश समय होटल की छत पर रहती है और पुष्कर की प्राकृतिक छटाओं को अपने कैमरें में कैद करती है। इसके अलावा वह लेपटॉप पर फोटो व वीडियों की एडिटिंग करने के साथ-साथ कुछ न कुछ लेख लिखती रहती है। उसने बताया कि वह पुष्कर में खुश है, लेकिन परिस्थितियां सामान्य होने पर वह जल्द से जल्द अपने घर जाना चाहती है। 


इंग्लैंड की बेकी लेपटॉप पर फोटो व वीडियों की एडिटिंग करने के साथ-साथ कुछ न कुछ लेख लिखती रहती है।
इंग्लैंड की बेकी लेपटॉप पर फोटो व वीडियों की एडिटिंग करने के साथ-साथ कुछ न कुछ लेख लिखती रहती है।
हंसी-ठिठोली में व्यस्त दंपती
यूके से आए दंपती जैक-फियाना लॉकडाउन के कारण पुष्कर में अटके हुए हैं। वे इस बात को लेकर खुश हैं कि वे यहां सुरक्षित है। दोनों पति-पत्नी एक दूसरे के साथ हंसी-ठिठौली व मोबाइल पर परिजनों से बातें कर समय गुजार रहे हैं। फियाना खाना बनाने में होटल के रसोइयें का सहयोग कर रही हैं।  356 पर्यटक, सभी क्वारेंटाइन


पुष्कर में अभी भी अलग-अलग होटलों में विभिन्न देशों के 356 विदेशी पर्यटक अटके हुए हैं। सभी पर्यटकों को ऐतिहात के तौर पर स्क्रीनिंग कर क्वारेंटाइन किया गया है। उन्हें बाजार से कोई जरूरी सामान की आवश्यकता हो तो होटल व्यवस्थापक ही उपलब्ध करा रहे हैं।