कोरोना को मात देने वाले भारतीय मूल के प्रख्यात वकील की मांग, दुनिया को पूरा सच बताए चीन

वॉशिंगटन कोरोना वायरस के दुनियाभर में फैलने के साथ ही बार-बार यह बात उठ रही है कि चीन ने इस वायरस को लेकर दुनिया को अंधेरे में रखा है। इतनी बड़ी संख्या में जान लेने के बावजूद उसने अब तक इस पर पूरा सच नहीं बताया है।
चीन ने अपने देश में इस वायरस से 3 हजार से ज्यादा लोगों की मौत का दावा किया है जबकि कई देशों में यह आंकड़ा 10 हजार भी पार कर गया है। ऐसे में चीन के दावे पर संदेह लगातार गहराता जा रहा है। अब भारतीय मूल के एक अमेरिकी वकील रवि बत्रा ने मांग की है कि बीजिंग इस पर पूरा सच दुनिया को बताए। 


रवि बत्रा खुद कोरोना से संक्रमित हो गए थे और इस खतरनाक वायरस को मात देकर ठीक होने के बाद उन्होंने कहा कि चीन को इसे लेकर पूरा सच बताना चाहिए ताकि वैज्ञानिक और चिकित्सा जगह इसका इलाज ढूंढ सके। साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जब तक इसका टीका उपलब्ध नहीं होता है, तब तक कोई भी अपने घरों से बाहर नहीं निकले।  


अमेरिका में भी कोरोना वायरस काफी तबाही मचा रहा है और न्यूयॉर्क इसके केंद्र के तौर पर उभरा है। यहां रविवार तक ही संक्रमितों का आंकड़ा 1.2 लाख पार कर चुका था और 4000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। 


न्यूयॉर्क के वकील रवि बत्रा का कहना है, 'मैं चाहता हूं कि मानवता इस घातक कोरोना वायरस से उबर जाए। मैं चीन से उम्मीद करता हूं कि वह सबको पूरा सच बताए ताकि न सिर्फ हमारे डॉक्टर एंथनी फाउची बल्कि सभी देशों के वैज्ञानिक और डॉक्टर जल्द से जल्द एक वैक्सीन खोज सकें।'


रवि बत्रा के अलावा उनका परिवार भी कोविड-19 से संक्रमित हो गया था। उनकी पत्नी रंजू और बेटी एंजेला भी संक्रमित पाई गई थी। उन्होंने कहा कि मौत के करीब से लौटने के बाद, मैं अच्छा करने के लिए पहले से कहीं ज्यादा उत्साहित हूं। 


रवि बत्रा ने कि जब तक कि कोई वैक्सीन नहीं उपलब्ध हो जाता, कोई भी काम के लिए, खेलने या स्कूल जाने के लिए बाहर नहीं निकले। राष्ट्रीय, क्षेत्रीय, वैश्विक अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है और यह जल्द ठीक नहीं होने वाली है। इस हफ्ते की शुरुआत में बत्रा की संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत झांग जुन से ट्विटर पर बहस हो चुकी है।