जयपुर से पटना के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन;  करीब 1200 प्रवासी मजदूर भेजे जाएंगे बिहार

जयपुर। लॉकडाउन के कारण दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल रंग लाई है। मजदूरों को उनके निवास तक पहुंचाने के लिए शुक्रवार को पहली बार विशेष ट्रेन चलाई जाएगी। यह ट्रेन जयपुर से पटना के बीच चलेगी।


ट्रेन जयपुर जंक्शन से शुक्रवार रात 10 बजे रवाना होगी, जिसमें करीब 1200 मजदूरों को उनके निवास स्थान तक पहुंचाया जाएगा। राज्य सरकार को केंद्र से पांच स्पेशल ट्रेनें चलाने के लिए मंजूरी मिली है, जिनमें से आज पहली बार एक ट्रेन जयपुर से पटना के लिए रवाना होगी।


राज्य सरकार द्वारा दी गई सूची में शामिल मजदूर ही सवार हो सकेंगे
यह ट्रेन कल दोपहर 12:45 बजे पटना पहुंचेगी। बीच में आगरा फोर्ट, टूंडला और दीनदयाल उपाध्याय स्टेशनों पर ठहराव करेगी। हालांकि बीच के स्टेशनों से यात्री ट्रेन में सवार नहीं हो सकेंगे, केवल पहले से बैठे मजदूर ही उतर सकेंगे। आपको बता दें कि इन ट्रेनों में राज्य सरकार द्वारा दी गई सूची वाले यात्री ही बैठ सकेंगे। राज्य सरकार ने मजदूरों और विद्यार्थियों के आने-जाने के लिए ई मित्र और अन्य माध्यमों से इनका पंजीकरण करवाया है।



केवल स्लीपर कोच होंगे ट्रेन में, एसी कोच नहीं


ट्रेन कुल 24 कोच की होगी, जिनमें 18 कोच स्लीपर क्लास के होंगे, चार कोच जनरल क्लास और दो एसएलआर कोच होंगे। सभी मजदूरों के किराए की राशि राज्य सरकार रेलवे को अदा करेगी। सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जाएगा इसलिए ट्रेन में मिडिल बर्थ अलॉट नहीं की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा दी गई सूची के यात्री ही ट्रेन में बैठ सकेंगे


यह रहेगा रूट : ट्रेन संख्या 09771 जयपुर से रात 10 बजे रवाना होगी, ट्रेन रात 12:40 बजे आगरा फोर्ट पहुंचेगी, रात एक बजे आगरा फोर्ट से रवाना होगी, रात 1:30 बजे टूंडला पहुंचेगी, 1:35 बजे टूंडला से रवाना होगी और शनिवार सुबह 9:10 बजे दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन पहुंचेगी। वहां से शनिवार को 9:20 बजे रवाना होगी, दोपहर 12:45 बजे पटना स्टेशन पहुंचेगी, बीच के स्टेशनों पर केवल ट्रेन का स्टाफ बदलेगा, यात्री चढ-उतर नहीं सकेंगे।


गहलोत ने गुरुवार को दे दिए थे संकेत 
सीएम गहलोत की मांग के बाद राजस्थान के लिए विशेष ट्रेनें चलाने की अनुमति मिल गई है। गहलोत के बाद पंजाब, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, बिहार व झारखंड ने प्रवासियों की घर वापसी के लिए विशेष ट्रेनें चलाने की मांग की थी। इन राज्यों की दलील है कि लाखों लोगों को बसों से इधर-उधर भेजने की प्रक्रिया पूरी होने में महीनों लग जाएंगे। राज्य सरकार के साथ केंद्र के बीच हुई वार्ता में यह संकेत मिले थे। सीएम अशोक गहलोत ने गुरुवार को जिला कलेक्टरों के साथ हुई वीसी में निर्देश दिए थे कि विशेष ट्रेनों के संचालन को अनुमति मिलने की संभावना को ध्यान में रखते हुए वे रेलवे अधिकारियों के साथ रूट प्लान तैयार करें।